हमारी प्रेम कहानी
थोड़े से लम्हे, अनगिनत यादें… और एक कहानी जो आज भी धड़कन बनकर ज़िंदा है।
“4 मार्च 2016 से – एक ऐसा प्यार जो आज भी ज़िंदा है।”
थोड़े से लम्हे, अनगिनत यादें… और एक कहानी जो आज भी धड़कन बनकर ज़िंदा है।
वर्षा…
2018 के बाद सब कुछ बदल गया।
चैट की लाइनों के बीच जो हँसी हुआ करती थी,
वो अब बस स्क्रीन पर जमे कुछ पुराने मैसेज बनकर रह गई है।
लेकिन मेरा प्यार नहीं बदला।
ना तुम्हारे लिए दुआएँ बदलीं, ना तुम्हारा नाम लेते हुए मेरी आवाज़ की थरथराहट।
तुम दूर चली गई… पर मेरे हर कल में तुम आज भी शामिल हो।
हर 4 मार्च मेरे लिए सिर्फ एक तारीख नहीं,
बल्कि हमारी कहानी की धड़कन है।
वो दिन, जब किस्मत ने तुम्हें मेरी ज़िंदगी में भेजा था।
और आज, 10 साल बाद भी, मैं उसी दिन पर खड़ा हूँ…
तुम्हारा हाथ थामे बिना, लेकिन तुम्हारा नाम दिल में लिए हुए।
कभी-कभी सोचता हूँ, अगर तुम ये लाइनें पढ़ रही हो…
तो क्या तुम्हें भी 4 मार्च अभी भी याद आता है?
क्या तुम्हें भी किसी शाम, अचानक मेरी हँसी या मेरी बात याद आती है?
क्या कभी तुमने भी चाहा… कि हम बस दोबारा एक बार बैठकर सब कुछ कह सकें?
अगर ये शब्द कभी तुम तक पहुँचें…
तो बस इतना जान लो —
मैं आज भी वहीं खड़ा हूँ… तुम्हारे इंतज़ार में।
मेरे हर अधूरे ख्वाब के आखिरी पेज पर, आज भी तुम्हारा ही नाम लिखा है।
वापस आ जाओ वर्षा…
हमारी कहानी अधूरी नहीं होनी चाहिए।
अगर किस्मत ने हमें फिर से एक मौका दिया,
तो इस बार… मैं तुम्हारा हाथ कभी नहीं छोड़ूँगा।
कुछ तस्वीरें नहीं, ये तो बस ठहरी हुई धड़कनें हैं… पोलारॉइड फ्रेम में कैद।
दस साल… कुछ पल साथ के, कुछ पल दूरियों के, पर हर साल में तुम्हारा नाम ही सबसे ज़्यादा चमका।
इन 10 सालों में, दुनिया बदली, रास्ते बदले, शहर बदले, लोग बदले…
पर एक चीज़ नहीं बदली — तुम्हारे लिए मेरा एहसास।
ये पेज, ये लफ्ज़, ये रोशनी — सब मिलकर आज बस एक ही बात कह रहे हैं:
चाहे दूरियाँ जितनी भी हों, मेरा दिल हमेशा तुम्हारे पास रहना चुनता है।
4 मार्च 2016 से 4 मार्च 2026 तक…
हर धड़कन ने तुम्हें ही पुकारा है, और आज भी पुकार रही है।